New Delhi, 29 अगस्त . आम आदमी पार्टी (आप) अपने राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लुटियंस दिल्ली में केंद्र सरकार के द्वारा आवंटित आवास दिलाने के लिए अपनी लड़ाई तेज करने की तैयारी कर रही है, पार्टी के एक नेता ने Friday को यह जानकारी दी.
हालांकि इस मुद्दे से जुड़ा एक मामला आने वाले दिनों में दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष आने की संभावना है. पार्टी नेता ने कहा कि 4 अक्टूबर, 2024 को Chief Minister पद से हटने के बाद 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली करने के बाद से, केजरीवाल मंडी हाउस के पास पार्टी के एक अन्य सांसद के सरकारी आवास में रह रहे हैं.
इससे पहले, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने 5 जून, 2024 को दिए गए एक फैसले में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के संपदा निदेशालय को राष्ट्रीय पार्टी के पार्टी कार्यालय के रूप में उपयोग के लिए आम आदमी पार्टी को एक बंगला आवंटित करने का निर्देश दिया था, जिसका अब पालन किया जा रहा है.
आप नेता ने Friday को कहा कि पार्टी कार्यालय के रूप में उपयोग के लिए एक बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत स्पष्ट अधिकार के बावजूद राष्ट्रीय संयोजक को अभी तक कोई आवास नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को सामान्य पूल से आवास आवंटन के लिए 2003 के दिशा-निर्देशों में कहा गया है, “मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल के पार्टी अध्यक्ष को एक आवासीय आवास आवंटित/रखने की अनुमति दी जाएगी, यदि अध्यक्ष के पास दिल्ली में अपना या सरकार द्वारा किसी अन्य क्षमता में आवंटित कोई घर नहीं है.”
राष्ट्रीय दलों के लिए कार्यालय के संबंध में, दिशा-निर्देशों में कहा गया है, “राष्ट्रीय राजनीतिक दल, जिन्हें भारत के चुनाव आयोग द्वारा इस रूप में मान्यता दी गई है, उन्हें लाइसेंस शुल्क का भुगतान करके अपने कार्यालय उपयोग के लिए दिल्ली में सामान्य पूल से एक आवास इकाई का आवंटन बनाए रखने/सुरक्षित करने की अनुमति दी जाएगी.”
दिशा-निर्देशों में कहा गया है, “यह आवास तीन साल की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसके दौरान पार्टी एक संस्थागत क्षेत्र में जमीन का एक भूखंड चिह्नित कर पार्टी कार्यालय के लिए भवन बनाएगी.”
आप नेता का कहना है कि चूंकि अरविंद केजरीवाल के पास दिल्ली में अपना कोई आवास नहीं है, इसलिए उनको यह सहूलियत मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि यह कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक साधन है. यह साधन राष्ट्रीय पार्टी को चलाने के लिए जरूरी है. वैसे भी नियमत: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते अरविंद केजरीवाल को New Delhi इलाके में एक बड़ा बंगला मिल सकता है. केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्षों को New Delhi में मकान उपलब्ध कराने की परंपरा भी रही है. ऐसे में आम आदमी पार्टी भी वर्तमान में देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों में से एक है, ऐसे में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी यह सुविधा मिल सकती है.
वहीं, शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर जो जानकारी है उसकी माने तो केवल राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्षों को ही नहीं, पार्टी कार्यालय के लिए भी मकान आवंटित किया जाता है. भारतीय चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को दिल्ली में जनरल पूल से एक मकान आवंटित किया जाता है. इसके लिए पार्टी को लाइसेंस फीस चुकानी होती है. हालांकि, पार्टियों को यह आवंटन केवल तीन साल के मिलता है. इस बीच पार्टी को अपने लिए जगह चिह्नित कर खुद का कार्यालय बनवाना होता है. इसी वेबसाइट के अनुसार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष को भी दिल्ली में एक आवास आवंटित किया जाता है, इसके लिए शर्त यह है कि अध्यक्ष के पास न तो अपना आवास होना चाहिए और न ही किसी अन्य रूप में सरकार की ओर से आवंटित कोई आवास होना चाहिए.
वहीं भाजपा ने केजरीवाल के लिए आधिकारिक आवास की तलाश के आप के प्रयास की आलोचना की है. भाजपा का कहना है कि आम आदमी पार्टी का यह कदम कथित तौर पर किसी भी आधिकारिक आवास या वीआईपी सुविधा का उपयोग न करने के अरविंद केजरीवाल के पहले के वादे के विपरीत है.
केजरीवाल के लिए आधिकारिक आवास की तलाश के आप के नए प्रयासों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, एक भाजपा नेता ने कहा, “आप अपने पार्टी अध्यक्ष के लिए आवास चाहती है, यह वादा करने के बाद कि वह कोई सरकारी सुविधा नहीं लेंगे! अरविंद केजरीवाल की विश्वसनीयता राजनीति में इसी से स्पष्ट हो जाती है.”
विधानसभा चुनावों से पहले, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा था, “केजरीवाल ने कहा था कि मैं अपने बच्चों की कसम खाता हूं कि मैं कोई सरकारी कार, बंगला या सुरक्षा नहीं लूंगा.”
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जीकेटी/एएस
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